आधी आबादी के सच की ये दुनिया
शताक्षी,शाम्भवी और ज्ञानदा की दुनिया
शक्ति,संस्कृति और तहजीबो की दुनिया
ये न हों तो जाने क्या हो ये दुनिया
सोचो जरा तब माँ स्वयं है एक दुनिया
"कल्पना", इंदिरा और सायना की दुनिया
महादेवी,सुभद्रा और अमृता की दुनिया
कविता ,कहानी,अलंकारों की दुनिया
लक्ष्मी,चंडी और वीरांगनाओं की दुनिया
वसुधा,प्रकृति और शक्ति की दुनिया
आभा,प्रतिभा,प्रज्ञा की दुनिया..
जागृति, शिवांगी, और प्रकृति है दुनिया
सर्वस्वा, स्वयंभू और एकाकी सी दुनिया
चरित्र,सम्मान और अहंकारा की दुनिया
चिर धरा,मातृत्व,और आपसे ही ये दुनिया।
भास्कर
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